राजस्थानी तीज-त्यूँवार, नेगचार, गीत-नात, पहराण, गहणा-गांठी अर बरत-बडूल्यां री सोवणी सी झांकी है तीज-त्यूँवार...

गणगौर ई तिरियाँ माँडी जाय है....


1 comment:

  1. मुझे बहुत अच्छा लगा इस ब्लॉग पर आकर। आपने हम परंपरा प्रेमियों के लिए जो मंच तैयार किया है वह न केवल दर्शनीय है बल्कि प्रशंसनीय भी है। मैं खुद मिटटी की गणगौर बनती हूँ और इसी तरह हर बार। आपके मंच पर साझा करना चाहती हूँ।

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थारा बिचार अठे मांडो सा ....

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